डिजिटल जमाने में डिजिटल तरीका का फ्राॅड

 आज की इस पोस्ट में हमलोग ऑनलाइन फ्रॉड होने से बचने के कुछ उपाय के बारे में जानेंगे साथ ही साथ इस बात का भी हमलोग चर्चा करेंगे कि फ्रॉड करने वाला व्यक्ति आपका मोबाइल नंबर कैसे पता करता है, और आपका बैंक अकाउंट का लेनदेन पर अपना नजर कैसे टिकाए रखता है ,और आपका इमेल आईडी उसे कैसे मिलता है जिस पर वह कुछ ईमेल भेजकर आप को प्रलोभन देकर अपना जाल में फँसाता है । इसी के बारे में आज के इस पोस्ट में हम लोग विस्तार से जानेंगे । दोस्तों आपका 5 मिनट आपको बड़ी मुश्किल से बचा सकता है इसलिए इस पोस्ट को आप लास्ट तक ध्यान से पढ़ें और दूसरे के साथ शेयर भी करें ताकि दूसरे व्यक्ति के साथ भी इस तरह का कोई फ्राड ना हो सके। आपको मैं इस पोस्ट में कुछ प्रमाण भी दूंगा की फ्राड व्यक्ति दूसरे को अपना जाल में कैसे आसानी से फँसाता। आजकल डिजिटल समय आ गया है जिसके कारण ज्यादा लोग बिना बैंक का चक्कर लगाए आसानी से ऑनलाइन लेन-देन करता है।  लेकिन अभी डिजिटल युग में ठकने का भी तरीका बिल्कुल ही डिजिटल हो गया है।  ऑनलाइन फ्राड करने वाले भी बिल्कुल डिजिटल हो चुका है ऐसे में आपको उसका ठकी का तरीका से अवगत होना काफी जरूरी है क्योंकि बुरा दीन जब आता है तो कोई तारीख उसका पहले से तय नहीं रहता है। यहाँ पर हम कुछ डिटेल्स में आपको बताने जा रहे हैं।

बैंक अधिकारी बताकर कुछ डिटेल का माँग

दोस्तों आपको  कभी भी एक फ़ोन  आएगा और उस फोन में आपको कहा जाएगा कि मैं बैंक अधिकारी बोल रहा हूं आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक हो चुका है या आपका डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड ब्लॉक हो गया है ,उसको फिर से पुनः सक्रिय करने के लिए आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी जाएगा वह OTP आपको मुझे बताना होगा, लेकिन आपको इसके झांसे में नहीं आना है, जब भी आपका बैंक अकाउंट ब्लॉक होता है या कोई भी तरह का और बात होता है तो बैंक अधिकारी कभी भी आपको फोन करके ऐसा जानकारी आपसे नहीं पूछता है और आपको भी यह जानकारी किसी को बताना नहीं चाहिए।  यदि आप कोई भी जानकारी साझा करते हैं तो आपका बैंक अकाउंट मिनटों में खाली हो जाएगा इसके बाद आपको पुलिस थाना और बैंक का चक्कर लगाते लगाते परेशानी का सामना करना होगा।


मुझे पता है कि  यह छोटा सा जानकारी है लेकिन फिर भी काफी रफ्तार से फ्राड  होता जा रहा है पिछले दिन में काफी संख्या में फ्राड हुआ है जिसका मामला सामने आया था। आपको बता दें की एक महिला जो प्रेग्नेंट थी और वह हॉस्पिटल में एडमिट थी,  उस वक्त उसका पति को पैसा का काफी जरूरी था और उस महिला का खाता में पैसा था। महिला ने अपना पति को एटीएम कार्ड दे दिया और बोला कि आप पैसा निकाल कर लाइए उसका पति ने बैंक का एटीएम में गया और पैसा निकालने का प्रयास किया तो मशीन ने  पैसा निकासी का रसिया दिया लेकिन पैसा नहीं दिया । जब उसका पति बैंक में इसका  शिकायत किया तो बैंक अधिकारी नें 72 घंटे में पैसा वापसी का बात कहा।  परंतु 72 घंटे बीतने के बाद उसका बैंक में पैसा नहीं आया । उसके बाद वह व्यक्ति दोबारा बैंक जाकर संपर्क किया तो बैंक अधिकारी नें  बताया कि अब आपका अकाउंट में पैसा आना संभव नहीं है, उसके बाद उस व्यक्ति ने पुलिस में अपना रिपोर्ट लिखाया पुलिस पदाधिकारी ने पूरा जांच-पड़ताल किया और यह मामला हाई कोर्ट तक जा पहुंचा ।


कोर्ट में अंतिम निर्णय यही हुआ की यह व्यक्ति ने जिसका पत्नी हॉस्पिटल में था इन्होंने अपना दलील में कहा कि मेरी पत्नी के नाम से अकाउंट था और वह हॉस्पिटल में एडमिट थी वह प्रेग्नेंट थी जिस स्थिति में मैंने उसका एटीएम कार्ड लेकर बैंक से पैसा निकालने के लिए गया हुआ था । बैंक  के तरफ से दलील दिया गया था कि अपना एटीएम कार्ड और पिन  किसी के साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए लेकिन उस महिला ने यह गलती किया कि वह अपना पति से साझा किया और पति को अपना पैसा निकालने के लिए भेज दिया जिस स्थिति में या घटना हुआ है इसलिए अब इसका पैसा का जिम्मेवारी बैंक के पास नहीं है ।अंतिम निर्णय  न्यायालय  ने सुनाया और कहा कि आपने नियम का उल्लंघन किया है इसलिए अब आपको सजा के तौर पर यह पैसा वापस नहीं किया जाएगा । तो आप ने देख लिया एक छोटा सा गलती  वैसे यहां पर कोई गलती भी नहीं दिख रहा है मुझे,आप खुद समझ सकते हैं लेकिन उसको अपना पैसा से हाथ धोना पड़ गया इसलिए मैं आप लोग को बोलता हूं कि छोटा-छोटा गलती से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि व्यक्ति को पहाड़ से कभी ठोकर नहीं लगता है छोटा-छोटा पत्थर से ठोकर लगता है।

संदेश भेजकर फ्राड को अंजाम देना

दोस्तों आपका संदेश बॉक्स में कभी एक संदेश आएगा जिस संदेश में लिखा रहेगा कि आप इस लिंक पर क्लिक कीजिए और आप इनाम पाइए या इनाम का राशि का उल्लेख भी वहां किया गया होगा लेकिन आपको इसके झांसे में नहीं आना है। आपका नंबर यह फ्रॉड लोग के पास कैसे पहुंचता है इसके बारे में हम इसी पोस्ट के अंत में विस्तार से चर्चा करेंगे तो आप लोग के पास ऐसा जो भी संदेश आएगा उसको देखने से पहले आप डिलीट कर दें । आपको ऐसा प्रलोभन में नहीं आना है। आप जैसे ही  इस लिंक पर क्लिक करेंगे उतने में आपका पूरा मोबाइल को एक्सेस कर लिया जाएगा जैसे आपने अपना मोबाइल में अपना ईमेल आईडी को लॉगिन किए होंगे उसका जो पासवर्ड है उसको  पता चल जाएगा साथ ही यदि आप अपना डेबिट कार्ड का भी फोटो खींचे होंगे मोबाइल में तो यह फोटो भी उसके पास पहुंच जाएगा ,लेकिन आप ऐसा गलती कभी ना करें अपना ATM का फोटो खींचकर आपको मोबाइल में नहीं रखना चाहिए क्योंकि ATM का सिर्फ नंबर से ही फ्राड पर्याप्त है।

आपको कुछ एस तरह का संदेश आ सकता है और आगे का लिंक पर क्लिक करने के लिए कुछ प्रलोभन भी दे सकता है जैसे आप यहाँ पर देख सकते हैं है । मैं इस संदेश का पुष्टि नहीं करता हूं कि यह फ्राड संदेश है आपको सिर्फ उदाहरण के लिए ये संदेश दिखा रहा हूँ।

 Email   भेजकर फ्राड को अंजाम देना

कुछ फ्रॉड आपको ईमेल भेजकर भी अपना प्रलोभन में फंसा सकता है । यहां नीचे मैं आपको कुछ ईमेल पर भेजा गया संदेश दिखा रहा हूं जिस पर तरह तरह का प्रलोभन देकर फ्रॉड के द्वारा अपना जाल में फंसाने की साजिश किया जा रहा है ।आपको मैं बता दूं कि आपका ईमेल आईडी उसके हाथ कैसे लगता है इसके बारे में भी और आपका मोबाइल नंबर इस फ्रॉड के हाथ कैसे आता है इसके बारे में भी चर्चा हम लोग इसी पोस्ट के नीचे करेंगे । आप इस पोस्ट को ध्यान से जरूर पढ़ ले और अपने मित्रों के साथ शेयर जरूर करें, क्योंकि आज के समय में फ्रॉड का शिकार काफी चरमोत्कर्ष पर है।


यहां पर आप नीचे कुछ ई-मेल देख रहे होंगे जिसमें एक लिंक है और उस लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है । यदि आपके पास ऐसा कोई ईमेल आता  है और आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपको यह कोई दूसरा फर्जी वेबसाइट पर ट्रांसफर कर देगा और वहां पर एक ऐसा स्क्रीप्ट पहले से ही तैयार रहेगा जो आपका मोबाइल का पूरा डाटा को एक सेकंड में ही एक्शेस कर लेगा और आपको इसका भनक तक नहीं लगेगा और आपका मोबाइल में जैसे ईमेल आईडी लॉगिन है तो उसका पासवर्ड भी उसको पता चल जाएगा और बहुत सा व्यक्ति अपना सोशल  अकाउंट लॉगइन करता है तो अपना पासवर्ड को सेव कर देता है तो वैसे परिस्थिति में सभी अकाउंट से मिनटों में हाथ धो सकते हैं।

 आप यहां पर देख पा रहे हैं कि कुछ सेल के बारे में बताया गया है यदि यह संदेश जनविन रहता है तो इस टाइप का संदेश कभी नहीं आता। उसमें जिस चीज का सेल लगा है जैसे यदि मोबाइल का सेल लगा तो मोबाइल का पिक्चर आता है और उसके आगे उस सेल का नाम लिखा रहता जैसे मान लीजिए अमेजॉन से या फ्लिपकार्ट से  जहां से भी संदेश आता उसके बारे में पुरा विस्तार से लिखा रहता।


यदि आपलोग को इस प्रकार का मैसेज आता है सेल के बारे में तो आप तो उस ट्रस्टेड वेबसाइट का नाम रहता है ,तो आप उसका अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही कुछ खरीदे। यदि करने का मन हो तो  देखने के लिये  इस लिंक पर क्लिक करने से बचें और गलती से भी ऐसे लिंक पर क्लिक करके कोई सामान को खरीदने का प्रयास नहीं करें। आपको बता दें कि हाल ही में न्यूज़ में आया था कि एक व्यक्ति को ₹50000 का लैपटॉप ₹100 में ही खरीदने को कहा गया था और उसको मैसेज भी आया था । वह व्यक्ति आसानी से उसका जाल में फंस गया और उसका लैपटॉप उसके पास  नहीं पहुंचा उसके बाद उसमें सोशल मीडिया पर इस बात को शेयर किया था।

यहाँ पर आप देख सकते हैं कि बैंक के तरह से 
मुझे ये इमेल आया है जिसमें लिखा हुआ है कि आपका बैंक खाता ब्लॉग हो चुका है।  ये इमेल बिल्कुल फ्राड के द्वारा ही भेजा गया है क्योंकि मेरा SBI में कोई खाता ही नहीं है और मेरा पुरा परिवार में किसी का भी खाता SBI बैंक में नही है फिर भी ये इमेल मुझे आया हुआ है । ऐसे इमेल से आपको बिल्कुल सावधान रहना चाहिए। 


फ्राड को आपका नम्बर कैसे पता

दोस्तों ये प्रश्न मुझसे कई बार पुछा गया है लेकिन इस प्रश्न का सबसे बेहतर जवाब ढूँढना काफ़ी मुश्किल है क्योंकि फ्राड के द्वारा आपका नम्बर कोई एक तरीका से पता नहीं किया जाता है।  वे लोग तरह तरह के तरीका को अपनाते है और फ्राड करता है।  कुछ बेहतर जो तरीका होता है अब चलिए हम लोग उसके बारे में बात कर लेते हैं। 
(1) सबसे जो सस्ता तरीका है नम्बर लेने का वो है कि ये लोग कई तरह के WhatsApp ग्रूप बनाते है और उस WhatsApp ग्रूप का लिंक कई WhatsApp ग्रूप में भेजता है जिससे अंजान व्यक्ति भी उस WhatsApp ग्रूप में शामिल हो जाता हैऔर उस ग्रूप में प्रतिदिन अच्छा-अच्छा वीडियो भेजा जाता है ताकि कोई ग्रूप को छोड़कर न जाए। वही अंजान ग्रूप में से नम्बर लेकर ये लोग उस व्यक्ति को टारगेट करते हैं।  


फ्राड से बचने का उपाय

आप कोई भी अंजाम ग्रूप में शामिल न हो और ग्रूप में आए हुए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।  आपको ग्रूप में कुछ इस तरह का भी प्रलोभन दिया जाएगा कि इस एप्प को डाउनलोड करो और रोज 100रु कमाओ बिना कोई काम किए । लेकिन आप ही सोचिये बिना काम किये आपको कोई भी एप्प वाला व्यक्ति क्यों पैसा देगा। यदि आप एप्प को डाउनलोड कर लेंगे तो वो कुछ पैसा देगा भी तो उसे आपको बैंक में भेजने को कहेगा तो स्वाभाविक है कि आप अपना बैंक का डिटेल्स वहां देगें तो उसके पास आपका बैंक खाता का भी डिटेल्स चले जाएगा । उसके बाद वो फर्जी बैंक अधिकारी बताकर आपसे बात करेगा और आपको विश्वास दिलाने के लिये आपको बैंक खाता संख्या और अन्य जानकारी देगा उसके बाद आप विश्वास तो कर लेंगे और आपका बैंक खाता मिनटो में साफ हो जाएगा।

इमेल का पता कैसे करता है

इसी तरह ये लोग  WhatsApp ग्रूप या किसी भी सोशल साइट्स पर कोई लिंक को शेयर करते है और आप जैसे ही उस लिंक पर क्लिक करेगें कि आपको कुछ प्रलोभन दिया जाएगा और रजिस्टर करने के लिए कहा जाएगा जिसमें आपको अपना नाम और इमेल डालना होगा ये सब डाल कर जब आप OK करेगें तो आपका पुरा जानकारी उसके पास चला जाएगा।

ऑनलाइन भुगतान करते समत रखे ध्यान 

आप जब भी कोई फ़ार्म ऑनलाइन भरते हैं तो अधिकारीक वेबसाईट पर जाकर ही भरे साथ ही यदि आप कोई सामना ऑनलाइन खरीदतेहैं तो उसका वेबसाईट पर जाए और सामना खरीदने से पहले पुष्टि करें कि आप कोई गलत वेबसाईट पर तो नहीं है उसके बाद ही भुगतान करें।  जब आप ऑनलाइन खरीदतेहैं तो Cash on delivery  का ही ऑप्शन को चुने जब आपका सामान आपका हाथ में आ जाएँ तो उसे तुरंत खोलकर देखें और जब सही सामना हो तभी भुगतान करें।  इससे भी आप बहुत बड़ा मुश्किल से बच सकते है । मेरे साथ भी एक बार ऐसा हो चुका है।


मैं फरवरी 2019 Amazon का वेबसाइट से एक ट्राइपोड मॅगवाया था जिसका किमत 399 रुपया था मैं उसका भुगतान भी कर दिया था लेकिन मुझे सामान नहीं मिला उसके बाद मैं Amazon कंपनी से बात किया लेकिन मुझे पैसा वापस आने में लगभग एक महिने का समय लगा लेकिन पैसा वापस आ गया। जिस रोज मुझे पैसा वापस आया था उसी रोज मैंने कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत करने गया हुआ था लेकिन मुझे उसी समय एक संदेश प्राप्त हुआ मैंने देखा तो मेरा पैसा वापस आ गया था, तो मैंने शिकायत नहीं किया।

मुझे पुरा उम्मीद है कि आपको ये पोस्ट जरुर पसंद आया होगा आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि इस पोस्ट को कम से कम तीन WhatsApp ग्रूप में भेजे और वायरल करें ताकि सभी को कुछ जानकारी मिल सके आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। 

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