न्यायालय द्वारा अभियुक्त के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने से पहले शिकायतकर्ता वादी को क्या कदम उठाने चाहिए ?

न्यायालय में मुकदमे की कार्यवाही शुरू होने से पहले शिकायत कर्ताओं को शिकायत के साथ उसकी एक कॉपी तथा गवाहों की सूची अवश्य लगानी चाहिए | मुकदमे से संबंधित कोई भी दस्तावेज अदालत में जमा करते समय फोन पर उसके विवरण अवश्य दें ।
Amitabh bachan
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प्रोसेस फीस ‘यानी आदेश का शुल्क वसूल है जिसे गवाहों को समन जारी करने या दूसरे प्रॉपर्टी को नोटिस भेजने के लिए अदा किया जाता है|     मजिस्ट्रेट या सिविल जज के न्यायालय में सामान्य नोटिस भेजने के लिए 75 पैसे की प्रोसेस फीस अदा करनी होती है इसी तरह आकृति जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में ₹1.50 की प्रोसेस फीस अदा करनी होती है 75 पैसे और  ₹1.50 की प्रोसेस केवल 4 पक्षों पार्टियों गवाहों को सम्मन जारी करने के लिए है यदि किन्ही मामलों में 4 से अधिक पक्षों पार्टियों को समन जारी करना होता है| तो प्रत्येक 4 पक्षों पाठ्य गवाहों के लिए उतने ही मूल यानी मजिस्ट्रेट सिविल जज के न्यायालय में 75 पैसे और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में एक ₹1.50 की फीस अदा करनी होती है | प्रोसेस फीस कोट स्टैंप के रूप में जमा की जाती है | इसी मामले में गवाहों को समन जारी करने का आदेश दे देता है ,तो उसे कोर्ट में जमा करना चाहिए या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होती है  |कि न्यायालय द्वारा दिए जाने के बाद फॉर्म को जमा करना होता है जब भी न्यायालय समन जारी करने का आदेश दे एक-दो दिन के भीतर/ अभियुक्तों/  गवाहों पार्टियों के शहीदों के साथ प्रोसेस फॉर मी जमा करवा दें |

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