बाल विवाह करने पर कानून व सज़ा

भारत में शादी करने का निर्धारित उम्र लड़की के लिए 18 साल और लड़का के लिए 21 साल निर्धारित किया गया है इससे कम उम्र का शादी कानूनन अपराध होगा। उपयुक्त उम्र सीमा में 1 दिन भी यदि कम है तो भी यह शादी अपराध माना जाएगा और लड़का और लड़की दोनों को सजा हो सकता है। इसे बाल विवाह के नाम से जानते हैं। बाल विवाह करने वाले और कराने वाले दोनों दोषी होगा ।

यदिआप लड़का है और 18 साल से कम उम्र का लड़की से शादी करते हैं तो आपको सजा कै तौर पर 7 साल का कारावास से लेकर मृत्यु तक का भी सजा हो सकता है। यदि आप 15 साल या इससे कम उम्र का लड़की से शादी करते हैं तो आपके ऊपर पोक्शो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है।  पोक्शो एक्ट का मामला काफ़ी गंभीर प्रवृत्ति का मामला होता है।  जिसके उपर पोक्शो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाता है उसको बेल भी नहीं मिलता है।  यदि पोक्शो एक्ट के तहत सजा कि बात करें तो अलग-अलग सेक्शन के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है।  इसमें खास करके मृत्यु दंड का ही सजा मिलता है।

यदि आप नाबालिक लड़की से शादी करते हैं और उसका पहचान पत्र पर उसे बालिक बना देते हैं जैसे आधार कार्ड पर उम्र ज्यादा करके 18+ कर देते है तो ऐशे आप और गंभीर आरोप में फंस सकते है क्योंकि आधार कार्ड का उम्र से कोर्ट में आप उसे बालिक साबित नहीं कर सकते हैं।  कोर्ट में खासकर जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल का यदि कोई सर्टिफिकेट है तो उसका मान्यता दिया जाएगा।  क्योंकि आधार कार्ड और अन्य तरह के प्रमाण पत्र पर उम्र कम या ज्यादा किया जा सकता है। यदि आप नाबालिक लड़की से शादी करते हैं तो हो सकता है कि लड़की बाद में अपना बयान बदल कर  आपके उपर ज़बर्दस्ती शादी करने का आरोप लगा दे या लड़की के परिवार वाले आपके उपर जबर्दस्ती शादी का आरोप लगा द॔।

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