लाॅकडाउन तोड़ा तो 2 साल की सजा और जुर्माना जाने पुरा नियम

लाॅकडाउन के दूसरे चरण की घोषणा बुधवार को कर दी गई है।  इसमें 3 मई तक यानी 19 दिन बढ़ाए गए लाॅकडाउन को तोड़ने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार दंड और जुर्माना का प्रावधान किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों और काम करने की जगह पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। आम जगह पर थूकने पर जुर्माना देना होगा। गाइडलाइंस कानून तोड़ने वाले और अन्य लोगों के लिए जान माल का खतरा पैदा करने की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 9 के अनुसार एक्शन होगा। इसमें सरकारी कर्मचारियों के आदेश न मानने की स्थिति में आईपीसी की धारा 188 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी ।

आपदा प्रबंधन कानून के तहत  दंड और जुर्माना

  लिए यदि कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को उनके कर्तव्यों को पूरा करने से रोकता है या बाधा डालता है, तो ऐसे व्यक्ति को धारा 51 के तहत कर्मचारियों के काम में बाधा डालने के लिए सजा दी जाएगी। इस धारा में 1 साल तक की सजा और जुर्माना का प्रावधान किया गया है। यदि दोषी व्यक्ति के किसी काम से जानमाल का नुकसान होता है तो दो साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

धारा 53 के तहत सामग्री का दुरुपयोग 

यदि कोई व्यक्ति राहत कार्यो के लिए किसी भी पैसे या सामग्री का दुरुपयोग अपने स्वयं के लिए करता है या उन्हें ब्लैक में भेजता है तो वह इस धारा के अंतर्गत दोषी ठहराया जा सकता है । इस धारा के तहत 2 साल की सजा और जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

धारा 54 के तहत झूठी चेतावनी 

यदि कोई व्यक्ति कोई झूठा जानकारी आपदा के बारे में देता है या इसकी गंभीरता के बारे में झूठी चेतावनी देता है जिससे आम आदमी में घबराहट फैलती है तो इसके तहत 1 वर्ष तक की सजा या जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

धारा 55 के तहत सरकारी विभागों के अपराध 

इस धारा के तहत यदि कोई अपराध सरकार के किसी विभाग द्वारा किया गया है तो वहां का जो विभाग प्रमुख है उसे दोषी माना जाएगा। जबतक  यह साबित नहीं कर देता कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और दंड का भागी होगा।

धारा 56के तहत आदेश का उल्लंघन 

यदि कोई व्यक्ति सरकार के आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे धारा 56 के अंतर्गत दोषी ठहराया जा सकता है। इस धारा के तहत 1 साल तक की सजा और जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।
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