सेल्फ डिफेन्स कानून का नियम जानें

सभी व्यक्ति को खुद का और अपना परिवार का और अपना प्रॉपर्टी का रक्षा करने का अधिकार है। जब भी कोई व्यक्ति उसका प्रॉपर्टी को किसी प्रकार का कोई नुकसान पहुंचाता है या नुकसान पहुंचाने का कोशिश करता है तो वहां पर सेल्फ़ डिफेन्स का अपनाया जा सकता है।

सेल्फ़ डिफेन्स कानून क्या है 

सेल्फ़ डिफेन्स इंगलिश शब्द है इसका हिंदी होता है आत्म रक्षा। यानि आप खुद का रक्षा के लिये जो बल का उपयोग करेंगे उसको सेल्फ़ डिफेन्स कानून का नियम कहते हैं। 

सेल्फ़ डिफेन्स में कितना बल उपयोग करें 

सेल्फ़ डिफेन्स में आप उतना ही बल का उपयोग करेंगे जितना सामने वाला आपके उपर करना चाहता है। यदि सामने वाला आपके उपर कोई जानलेवा हथियार से हमला करता है या करने को तैयार है तो ऐसे परिस्थिति में आप भी कोई जानलेवा हथियार से उसके उपर हमला कर सकते है। यदि कोई व्यक्ति आपके साथ हथा-पाई करता है और आपको लगता है कि कि हथा-पाई करने वाला व्यक्ति आपसे ज्यादा मजबूत है और वो आपका जान भी ले सकता है तो ऐशे परिस्थिति में आप उस व्यक्ति पर कोई हथियार से भी वार कर सकते है। 

महिला करें सेल्फ़ डिफेन्स का उपयोग 

यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को अपहरण करने का प्रयास करता है या छेड़छाड़ करता है या अश्लील हरक़त करता है या उसके उपर एसिड से हमला करने का प्रयास करता है तो उस महिला को यह अधिकार है कि उस अपराधी पर जानलेवा हमला करें।  इस हमला में यदि किसी व्यक्ति का जान भी चले जाए तो इसे सेल्फ़ डिफेन्स समझा जाएगा।  सेल्फ़ डिफेन्स यानि कि आपको किसी भी प्रकार का कोई सज़ा नहीं दिया जाएगा। तदि उपयुक्त घटना जो अपराधी महिला के साथ कर रहा है या करने का प्रयास करता है उस घटना को देख कर यदि कोई दूसरा व्यक्ति भी उस महिला के बचाव के लिए आता है और अपराधी को जान से मार देता है तो यह सेल्फ़ डिफेन्स समझा जाएगा।  यहाँ पर जो मैं दूसरा व्यक्ति का जिक्र किया है ये कोई भी व्यक्ति हो सकता है ऐशा नहीं कि महिला का कोई रिलेशन का। यदि आप भी रास्ते में कहीं जा रहे हैं या ऑफिस में है और कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ उपयुक्त घटना को अंजाम देता है या देने का प्रयास करता है तो आप उस अपराधी पर जानलेवा हमला करके उसका जान भी ले सकते है। 

कोर्ट में साबित होगा सेल्फ़ डिफेन्स 

सेल्फ़ डिफेन्स का उपयोग जब भी आप करते हैं तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि सेल्फ़ डिफेन्स में लिया गया हथियार इत्यादि को आप सुरक्षित रखें और घटना को भी आप याद रखें क्योंकि सेल्फ़ डिफेन्स का उपयोग आपने किया है तो कोर्ट में आपके उपर ही है कि आप इसे साबित करें। यदि आपके पास सेल्फ़ डिफेन्स को साबित करने का कोई मुख्य आधार नही हो या आपके पास कोई साक्ष्य नहीं हो तो आपको वहाँ सेल्फ़ डिफेन्स का उपयोग नहीं करना चाहिए।  यदि आप सेल्फ़ डिफेन्स का उपयोग करते है और कोर्ट में साबित नहीं कर पाते हैं तो इसे अपराध माना जाएगा और आपको सज़ा भी हो सकता है। 

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