पत्नी को मेन्टनेश देने से कैसे बचें पति कानूनी उपाय


 आज दिन इस पोस्ट में हम लोग मे हमलोग बात करेगें की पति, पत्नी को मेंटनेस देने से कैसे बच सकता है। कुछ कानूनी उपाय है जिसको अजमा कर आप पत्नी को मेन्टनेश देने से बच सकते हैं। इसी के बारे में आज की इस पोस्ट में हम लोग विस्तार से चर्चा करेंगे।





मेन्टनेश क्लेम कब होता है


आपकी पत्नी जब भी आपके ऊपर तलाक या फिर घरेलू हिंसा का केस करती है और उसके साथ ही यदि मेंटनेस का भी केस करती है तो मेंटेनेंस का नोटिस आपको पहले आ जाएगा यानी कि मेन्टनेश केस में ज्यादा जल्दी में सुनवाई होता है। यहां पर कुछ कानूनी उपाय है जिसके तहत आप अपना पत्नी को मेंटनेश देने से बच सकते हैं।









पत्नी कब मेंटनेश नहीं लेगी


यदि आपकी पत्नी कोई सरकारी जॉब में है या फिर कोई प्राइवेट सेक्टर में काम कर रही है या अधिक पढ़ी लिखी है जैसे कोई इंजीनियरिंग का डिग्री ली हुई है या डॉक्टर का डिग्री ली हुई है या फिर कोई अन्य प्रोफेशनल डिग्री ली हुई है तो ऐसी परिस्थिति में आप उसे मैनेज देने से बच सकते हैं। यदि आपकी पत्नी किसी दूसरे व्यक्ति से किसी प्रकार का सेक्सुअल रिलेशनशिप में है तो भी आप मेंटेनेंस देने से बच सकते हैं। लेकिन कोर्ट के अंदर यह बात को साबित करना होगा कि वह कहीं काम कर रही है और पैसा कमा रही है। यदि आपकी पत्नी आप से बेवजह दूर रह रहा है तो ऐसी परिस्थिति में भी आप मेंटेनेंस देने से बच सकते हैं लेकिन बिना कोई कारण का आप से अलग हो गई है इस बात को भी कोर्ट में आपको साबित करना है।









कोर्ट में कैसे साबित करें 


आपकी पत्नी बेवजह आपसे दूर हो गई है इस बात को कोर्ट के अंदर साबित करने के लिए आप अपने तरफ से एविडेंस के तौर पर साक्ष्य के तौर पर आप अपना परिवार का कोई मेंबर को कोर्ट में पेश कर सकते हैं या आप अपना पड़ोसी को भी एविडेंस बना सकते हैं या फिर कोई अपना रिश्तेदार को भी एविडेंस बना सकते हैं। लेकिन आपको यहां पर ध्यान रखना होगा कि आप जिस व्यक्ति को इस केस में एविडेंस बनाते हैं वह आपका विश्वासी आदमी होना चाहिए। कोई धोखेदार व्यक्ति नहीं होना चाहिए। यदि आप कोई धोखेदार व्यक्ति को एविडेंस बनाते हैं तो फिर आपका मुसीबत और भी ज्यादा बढ़ सकता है।









कितना मेंटनेश का प्रावधान है 


यदि आप कोर्ट के अंदर यह साबित नहीं कर पाते हैं कि आपकी पत्नी कहीं पैसा कमा रही है या बेवजह अलग हुआ है या फिर कोई दूसरा व्यक्ति के फिजिकल रिलेशनशिप में है। यह सब बात को यदि आप कोर्ट में साबित नहीं करते हैं तो ऐसी परिस्थिति में आपको मेंटनेस देना होगा। यदि आप कोई सरकारी नौकरी कर रहे हैं या फिर कोई प्राइवेट में काम कर रहे हैं तो आप जितना महीना कमा रहे हैं उसका 25% मेंटेनेंस के तौर पर पत्नी को देना होगा। यदि आप कहीं कोई जाॅब नहीं कर रहे है तो भी आप जो भी रोजगार कर रहे हैं उस रोजगार से आप जितना कमा रहे हैं उसका 25% राशि पत्नी को प्रतिमाह या सलाना देना होगा। कोर्ट जो भी तय करेगी उसके अनुसार आपको पैसा देना होगा।









कोर्ट आदेश पर मेंटनेश नहीं दे तो क्या होगा 


यदि कोर्ट के आदेश के बाद भी आप पत्नी को मेंटिनेस नहीं देते हैं तो ऐसे परिस्थिति में यदि आप कोई सरकारी नौकरी कर रहे हैं तो आपको नौकरी से सस्पेंड कर दिया जाएगा क्योंकि आपने कोर्ट का आदेश का उल्लंघन किया है।  साथ ही आपको 1 माह का सजा भी हो सकता है। यदि आप एक माह का सजा काट लेते हैं तो इसके बाद भी आपको मेंटनेस देना ही होगा। आप मेंटिनेस से नहीं बच सकते हैं। यदि कोर्ट आदेश दे दिया है तो ऐसी परिस्थिति में यदि पत्नी चाहे तो वह आपका प्रॉपर्टी को जप्त करवा सकती है और अपना मेंटेनेंस का पैसा निकाल सकती है।  कोर्ट जो मेंटेनेंस आपके ऊपर लगाया है उस मेंटनेश से बचना चाहते हैं तो आपको इसके ऊपर वाला कोर्ट में आवेदन करना चाहिए और बचना चाहिए। यदि कोई सरकारी नौकरी नहीं भी करता है तो उसको भी सजा के तौर पर एक महीना जेल होगा और उसका भी प्रॉपर्टी को जप्त किया जाएगा यदि वह मेंटनेश नहीं दे रहे हैं तो।






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