पार्टीशन सूट का मुकदमा कैसे करें |How to file Partition suit

आज हमलोग बात करेगें यदी आपको परिवारिक जमीन में हिस्सा नहीं दिया जा रहा है तो आपके पास कौन-कौन सा कानूनी अधिकार है जिसका उपयोग करके आप परिवारिक जमीन में हिस्सा लें सकते हैं। यहाँ एक बात बताना काफी जरूरी है कि आप पार्टीशन सूट का मुकदमा दर्ज करके सिर्फ पुस्तैनी जमीन में ही हिस्सा ले सकती हैं। पुस्तैनी जमीन उस जमीन को कहा जाएगा जो जमीन आपका दादाजी के द्वारा आपका पिताजी को मिला हैं। यदी आप अपने पिताजी द्वारा ख़रीदा गया जमीन में हिस्सा लेने के लिए पार्टीशन सूट का मुकदमा करेगें तो आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा। पार्टीशन सूट का मुकदमा सिर्फ और सिर्फ पुस्तैनी प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं मिलने पर किया जाता हैं। उदाहरण के लिए मान लेते हैं यदी कोई पुराना मकान दादाजी के द्वारा बनाया गया है और उसमें आपको हिस्सा नहीं दिया जा रहा है अब तो आप पार्टीशन सूट का मुकदमा दर्ज कर सकते हैं। पार्टीशन सूट का मुकदमा दर्ज करते समय आप जिस प्रॉपर्टी में हिस्सा लेना चाहते हैं और वह प्रॉपर्टी जिसके नाम से है वह जीवित हैं तो फिर आपको हिस्सा नहीं मिलेगा।

पार्टीशन सूट का मुकदमा

पार्टीशन सूट कैसे करें

पार्टीशन सूट का शाब्दिक अर्थ होता हैं जमा प्रॉपर्टी का उसके उत्तराधिकार के बिच बराबर-बराबर बंटवारा। आप जिस प्रॉपर्टी पर अधिकार के लिये पार्टीशन सूट का मुकदमा दर्ज करने जा रहे हैं सबसे पहले आपको उस प्रॉपर्टी का सभी मुख्य कागजात को तैयार करना होगा ताकि आपका मुकदमा का निपटारा जल्द हो सके। वैसे सामान्यतः देखने को मिलता है कि प्रॉपर्टी का मुकदमा काफी लंबा समय तक चलता है। यदी आप भी सोच रहे हैं कि प्रॉपर्टी का का सभी मुकदमा लंबा समय ही चलता है तो ये सोचना पूर्णतः सही नहीं है। कोई भी मुकदमा कितना समय चलेगा ये मुकदमा का प्रकृति और साक्ष्य पर निर्भर करता है। आप जो जमीन पर मुकदमा दर्ज करने जा रहे हैं सबसे पलहे उस जमीन का लगान रश्दि तैयार करें और केवाला तैयार करें साथ ही जमीन से संबंधित आपका सभी कागजात सही भी होना चाहिए। उसके बाद आप वकील के द्वारा कोर्ट में पार्टीशन सूट का मुकदमा दर्ज करें। आप जो वकील ले रहे हैं वह वकील प्रॉपर्टी कानून में पूर्ण रुप से माहिल होना चाहिए।

पार्टीशन सूट का सुनवाई

कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने के अगले तिथि पर कोर्ट द्वारा यह तय किया जाएगा कि आपने जो मुकदमा कोर्ट में दर्ज किया है वो चलने योग्य हैं या नहीं। यदी चलने योग्य नहीं होगा तो आपका मुकदमा को खारिज कर दिया जाएगा। यदी मुकदमा चलने योग्य होगा तो आपको कोर्ट में अगले दिन उपस्थित होकर हाजरी लगाना होगा और उसके बाद जल्द ही प्रतिवादी को नोटिस भेजकर कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा जाएगा। प्रतिवादी को नोटिस भेजने के 30 दिनों के अंदर कोर्ट में उपस्थित होकर लीखित में अपना पक्ष रखना होगा उसके बाद गवाह और साक्ष्य का परिक्षण किया जाएगा। परिक्षण के पश्चात आपका वकील और प्रतिवादी का वकील बहस करेगा और कोर्ट द्वारा दोनों पक्षो को सुनने के बाद अंतिम आदेश पारित कर दिया जाएगा। आपको ध्यान रखना होगा कि आप मुकदमा में ज्यादा गवाही पेश न करें इससे आपका मुकदमा लंबा नहीं चलेगा। साक्ष्य के तौर पर ज्यादा से ज्यादा कागजात का ही उपयोग करें। कोई भी जमीन का कौन-कौन महत्वपूर्ण कागजात होता हैं उसके बारे में पूर्व लेख इस वेबसाईट पर प्रकाशित किया गया है उसे निश्चित रूप से देख लें। मेरे बताए अनुसार आप चलेंग तो मुझे पुरा यक़ीन है कि आपका मुकदमा का सुनवाई जल्द ही पूर्ण हो जाएगा।

4 thoughts on “पार्टीशन सूट का मुकदमा कैसे करें |How to file Partition suit

  • October 10, 2020 at 2:03 pm
    Permalink

    Sir agr joint family me bhai ki death ho jane par uske wife ko share
    Nhi milega but agar mile toh uske liye kya kya proccessdure hai ?????

    Reply
  • January 10, 2021 at 12:02 pm
    Permalink

    Sir aapsi sahmati se hua batwara ke bad koi partition suit kr sakta hai

    Reply
  • March 3, 2021 at 10:13 am
    Permalink

    Sir aapsi sahmati se hue batware ko 16 year ho gye, ab partition suit kr sakte hai ???

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *