प्रॉपर्टी बेचते समय रखें इन बातों का ध्यान

आजके इस वीडियो में हमलोग बात करेगें कि प्रॉपर्टी बेचते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यदी आप किसी भी प्रकार का कोई प्रॉपर्टी क्यो नही बेच रहे आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा नहीं तो विक्रेता को जेल तक भी जाना पड सकता हैं। प्रॉपर्टी किसी भी प्रकार का हो जैसे कोई मकान बेच रहे हैं, कोई दुकान बेच रहे हैं, कोई जमीन बेच रहे हैं ऐसे परिस्थिति में आपको 10 बातों का हमेशा ध्यान रखना होगा ताकि बाद में आपको किसी तरह का कोई कानूनी परेशानी नहीं हो।

प्रॉपर्टी बेचने का एग्रीमेंट

यदी आप कोई प्रॉपर्टी बेचने जा रहे हैं तो आपको मुख्य रूप से एग्रीमेंट बनाना चाहिए। यदी प्रॉपर्टी खरीदने वाला के साथ आपका अच्छा रिस्ता है फिर भी आपको एग्रीमेंट बनाना चाहिए। आपको जो भाषा का अच्छा जानकारी हैं उसी भाषा में एग्रीमेंट को तैयार करें। यदी आपको हिंदी भाषा अच्छा से समझ में आता हैं और अंग्रेजी भाषा समझ में कम आता हैं तो ऐसे परिस्थिति में हिन्दी भाषा में ही एग्रीमेंट को तैयार करें। एग्रीमेंट में जो दो ग्वाह का हस्ताक्षर होता हैं तो आपको यह प्रयास करना चाहिए कि एक गवाह आपके तरफ से हो ।आप गवाह के लिए उसी को चुने जो आपका करीबी व्यक्ति हो और विश्वासी हो। एग्रीमेंट पेपर में हस्ताक्षर करने से पहले उसे दो तीन बार अच्छे से पढ़े समझें और उसके बाद ही हस्ताक्षर करें। एग्रीमेंट पेपर पर हस्ताक्षर करने के बाद उसका एक फोटो अपने मोबाइल से लें। साथ ही एग्रीमेंट का एक फोटो स्टेट अपने पास सुरक्षित रखें। ( यह भी पढ़े:- एग्रीमेंट कैसे बनता हैं कानूनी उपाय)

पैसा का लेन देन कैसे करें

आजकल ऐसा अमूमन देखा जाता है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय क्रेता पैसा ऑनलाइन / चेंक के माध्यम से देना ज्यादा पसंद करता है ताकि उसके पास एक ठोस सबूत हो सके की आपको कब कितना पैसा दिया हैं। यहाँ पर आपको ये ध्यान में रखना होगा कि आप जो व्यक्ति को प्रॉपर्टी बेच रहे हैं उसी के बैंक खाता से आपको पैसा भेजा गया हो। मान लेते हैं यदी आप A व्यक्ति को प्रॉपर्टी बेच रहे हैं तो A के खाता से ही पैसा प्राप्त करें। यदी A किसी दूसरा व्यक्ति के खाता से पैसा भेजता है तो ऐसे परिस्थिति में आप A को सूचना दे कि वह अपना ही खाता से पैसा भेजें। यदी आप कोई दूसरा व्यक्ति के खाता से पैसा लेंगे तो हो सकता है कि वो व्यक्ति आपके उपर भविष्य में यह आरोप लगा दे कि आपने उससे पैसा लेकर दूसरे व्यक्ति को जमीन दे दिय़ा। ( यह भी पढ़े:- प्रॉपर्टी बेचते समय पैसा का लेन देन कैसे करें)

एक प्रॉपर्टी का दो मालिक

यदी आप जो प्रॉपर्टी बेचने जा रहे हैं उस प्रॉपर्टी का दो मालिक है मान लेते हैं पहला मालिक आप हैं और दूसरा मालिक आपका भाई हैं और दोनों भाई सलाह संम्त से प्रॉपर्टी बेच रहे हैं तो ऐसे परिस्थिति में यदी आप काशुस प्रॉपर्टी पर 50% अधिकार है ओर बाकि 50% पर आपका भाई का अधिकार है तो ऐसे परिस्थिति में आप जमीन बिक्री हेतु सभी पैसा अपना बैंक खाता में नहीं लें। मान लेते हैं यदी जमीन 100,000 में बेच रहे हैं तो आप अपना खाता में 50,000 ही लें बाक़ी 50,000 अपना भाई का खाता में लें। यदी भाई का खाता नहीं है तो ऐसे परिस्थिति में आप जब भी भाई को पैसा देंगे तो उससे ये बात लिखवा लें। यदी आप ऐसा नहीं करते हैं तो हो सकता है कि आपका भाई भविष्य में आपके उपर यह आरोप लगा दे कि आपने उसका पैसा हड़प लिया। ( यह भी पढ़े:- एफिडेविट क्या हैं कैसे बनता हैं)

दो क्रेता रहने पर

आप जो प्रॉपर्टी बेचने जा रहे हैं उसका मालिक सिर्फ़ आप है और जो व्यक्ति प्रापर्टी खरीद रहा हैं वो दो भाई मिलकर खरीद रहा हैं मान लेते हैं एक भाई का नाम A है और दूसरा भाई का नाम B हैं। यदी B पढा लिखा नहीं है और सिर्फ A पढ़ लिखा है तो ऐसे परिस्थिति में एग्रीमेंट पेपर पर A तो हस्ताक्षर करेगा और B छाप करेंग। इस परिस्थिति में भविष्य में ये हो सकता है कि B यदी पैसा नहीं दे पाता है तो B के द्वारा आपके उपर यह आरोप लगाया जा सकता है कि आपने उससे छल से एग्रीमेंट पेपर पर छाप करवा लिया। इस समस्या से बचने के लिए A और B तो भाई ही हैं और A पढ़ लिखा है तो आप A से एक शपथ पत्र तैयार करवा लें जिसमें यह सब कुछ लिखा हो की A ने एग्रीमेंट को पढकर B को समझा दिया है उसके बाद ही B ने A सामने एग्रीमेंट पर छाप किया। ( यह भी पढ़े :- स्टाम्प पेपर क्या है और कैसे बनता हैं)

प्रॉपर्टी का मुख्य कागजात

यदी आप कोई प्रॉपर्टी बेचने जा रहे हैं तो क्रेता आपसे उस प्रॉपर्टी का मुख्य कागजात का मांग कर सकता सत्यापन के लिए तो यहाँ आपको ध्यान में रखना होगा कि किसी भी क़ीमत पर प्रॉपर्टी का मुख्य ( Original) कागजात किसी को भी न दें। सत्यापन के लिए आप फोटो काॅपी दे सकते हैं। फोटो काॅपी देते समय आपको यह बात ध्यान में रखना होगा कि फोटो काॅपी पर आप ये बात लिखें कि वह कागजात क्यों दे रहे हैं। यदी आप प्रॉपर्टी का मुख्य कागजात दे रहें हैं तो आप भविष्य में बहुत बड़ा कानूनी झंझट में फंस सकते हैं और आपके साथ फ्राड भी किया जा सकता है।

क्रेता का उत्तराधिकार

आप जो व्यक्ति के साथ प्राॅपर्टी बेचने का एग्रीमेंट किए हैं मान लेते हैं आपने 100,000 में प्रॉपर्टी बेचने का एग्रीमेंट तैयार करवाया और एग्रीमेंट तैयार करते समय आपको 10,000 रुपया दे दिया और उसी रात किसी कारण से क्रेता का मृत्यु हो जाता है तो आप परेशानी में फंस सकते हैं। जब आप क्रेता का उत्तराधिकार से बकाया राशि का भुगतान करने कहेंगे तो वो मना कर देगा। यदी आप कोई दूसरा व्यक्ति को प्रॉपर्टी बेचते हैं तो हो सकता है कि उसका उत्तराधिकार आपको लिगल नोटिस भेजें। ये समस्या से बचने के लिए आप क्रेता का उत्तराधिकार का भी नाम एग्रीमेंट में लिखें और उसका उत्तराधिकार का हस्ताक्षर भी कराए। ( यह भी पढ़े:- एग्रीमेंट बनाकर धोखा कानूनी उपाय)

बैंक लोन

दो दिन पहले मैंने एक क्रेता को एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन कराते देखा वो क्रेता एग्रीमेंट ये भी बात लिख दिया था कि जमीन रजिस्ट्री के पश्चात यदी इस प्रॉपर्टी का कागजात पर बैंक लोन नहीं देगा तो विक्रेता को 100,000 रुपया देना होगा। यदी आपके साथ भी क्रेता इस तरह का कोई बात एग्रीमेंट में लिखता है तो उससे आपको बचना चाहिए। आपको बता दे कि बैंक लोन नहीं देने का और भी कई कारण हो सकते हैं ऐसा नहीं कि सिर्फ प्रॉपर्टी का कागजात पूर्ण नहीं होने पर लोन नहीं मिलता हैं। बैंक लोन देने से पहले उस ग्राहक का स्टेटस देखता हैं कि वो ग्राहक किस कार्य के लिए लोन लोन ले रहा हैं, पिछला लोन का भुगतान किया हैं या नहीं। इस तरह के तमाम बात को ध्यान में रखकर बैंक लोन देता हैं। ( यह भी पढ़े:- रजिस्ट्री का कानूनी नियम)

प्रॉपर्टी का रजिस्ट्री

जब आप प्रॉपर्टी का रजिस्ट्री करते हैं तो आपको ध्यान में रखना होगा कि सभी क्रेता रजिस्ट्री कार्यालय में उपस्थित हो। यनी कि आप एग्रीमेंट में जो व्यक्ति को जमीन रजिस्ट्री करने का बात लिखें हैं वो अपना बेटा, बेटी, पत्नी के नाम पर रजिस्ट्री करवाता है हो ये रजिस्ट्री करने से आपको बचना चाहिए। आप जिसके साथ रजिस्ट्री के लिए एग्रीमेंट किये है उसी को रजिस्ट्री करें। साथ ही यदी कोई व्यक्ति POA के साथ आता हैं किसी क्रेता के बदले तो ऐसे परिस्थिति में भी आपको रजिस्ट्री करने से बचना चाहिए और क्रेता से संपर्क करना चाहिए। ( यह भी पढ़े:- POA क्या है और कैसे बनता हैं)

प्रॉपर्टी का कागजात

यदी आप प्रॉपर्टी का रजिस्ट्री कर देते हैं तो उस प्रॉपर्टी का पहले वाला जो भी कागजात हैं वो प्रॉपर्टी के नए मालिक को दे दें। यहाँ आपको ध्यान में रखना होगा कि पहले वाला कागजात देते समय कम से कम ₹10 का स्टाम्प पेपर पर क्रेता से लिखवा लें कि आप कौन-कौन कागजात उसको दे रहें हैं और क्यों दे रहे हैं। यही आप प्रॉपर्टी का कागजात अपने पास रखते हैं और बाद में वही प्रॉपर्टी कोई फर्जी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के साथ बेचता है तो ऐसे परिस्थिति में प्राॉपर्टी का जो मालिक हैं जिसको आप रजिस्ट्री किए हैं वो आपके उपर ये आरोप लगा सकता है कि उस प्रॉपर्टी का कागजात आपके पास था और ये फर्जीवारा आप किए हैं तो ऐसे परिस्थिति में आप मुकदमाबाजी में फंस सकते हैं।

तहसील को सूचना दें

प्रॉपर्टी का रजिस्ट्री होने के बाद आपने जो एग्रीमेंट बनाए थे और प्रॉपर्टी का कागजात देते समय जो स्टाम्प पेपर पर लिखवाए थे वो दोनों कागजात के साथ अपना तहसील को ये सूचना दें कि उस प्रॉपर्टी को आप बेच दिए हैं ताकि सरकारी रिकार्ड से आपका नाम हटाया जा सकें। साथ ही यदी आप नगर निगम या नगर परिषद में हैं तो वहाँ भी आपको यह सूचना देना होगा ताकि आपके उपर उस प्रॉपर्टी का कोई टैक्स वसूल नहीं हो। यदी आप ऐसा नहीं करते हैं तो हो सकता है कि उस प्रॉपर्टी का टेक्स आपको भरना पड़। यदी आप समय से टैक्स का भुगतान नहीं करेगें तो हो सकता है कि आपको लिगल नोटिस मिल जाए। ये कुछ महत्वपूर्ण बात था जो प्रॉपर्टी खरीदते समय आपको ध्यान में रखना चाहिए इसके बाद और भी बात हैं जो आपको ध्यान में रखना चाहिए प्रॉपर्टी बेचते समय।

One thought on “प्रॉपर्टी बेचते समय रखें इन बातों का ध्यान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *