स्टाम्प पेपर क्या है

आजके इस पोस्ट में हमलोगों बात करेगें कि स्टाम्प पेपर क्या है? स्टाम्प पेपर का वैधता कितना दिनों तक होता है? स्टाम्प पेपर का फर्जी कारोबार पर कितना सजा का प्रावधान किया गया है? स्टाम्प पेपर कितने प्रकार के होते हैं? स्टाम्प पेपर कहाँ से खरीदना चाहिए? स्टाम्प पेपर का उपयोग कहाँ किया जाता है? स्टाम्प पेपर को वापसी करने का नियम व कानून क्या है। इन सभी प्रश्न के बारे में आजके इस पोस्ट में हमलोग विस्तार से चर्चा करेंगे।

स्टाम्प पेपर क्या है

स्टाम्प पेपर A-4 साईज का एक विशेष पेपर होता हैं जिसमें रेवेन्यु स्टाम्प मुद्रित रहता हैं। स्टाम्प पेपर को सरकार के विभाग के निगरानी में तैयार किया जाता हैं। स्टाम्प पेपर खास करके सरकार का स्टाम्प ड्यूटी वसूल करने के बहुत बड़ा साधन हैं। स्टाम्प पेपर ₹10; ₹20; ₹50; ₹100, ₹500 और इससे अधिक के भी होते हैं। स्टाम्प पेपर का उपयोग कानूनी दस्तावेज तैयार करने के लिए किया जाता है। स्टाम्प पेपर खरीदते समय आप जितना रुपया का स्टाम्प पेपर खरीदते हैं उतना ही पैसा आपको देना चाहिए। यदी आप ₹100 का स्टाम्प पेपर खरीदते हैं तो आपको ₹100 ही देना चाहिए।

स्टाम्प पेपर का फर्जी कारोबार

स्टाम्प पेपर का फर्जी कारोबार करना दंडनीय अपराध है। यदी कोई व्यक्ति स्टाम्प पेपर का फर्जी तरीके से तैयार करता है और बेचता हैं साथ ही बिना सरकारी लाइसेंस के बिना बेचता है तो इसे अपराध माना जाएगा। ऐसे व्यक्ति के उपर भारतीय दंड संहिता की धारा 256 के तहत कार्रवाई किया जाता हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 256 में सात वर्ष का सजा और जुर्माना का प्रावधान किया गया है। यह अपराध गैरसंज्ञेय अपराध हैं। पुलिस को ऐसे व्यक्ति का जानकारी मिलते ही पुलिस संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेज देती हैं।

स्टाम्प पेपर का वैधता

भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 में स्टाम्प पेपर के बारे में जानकारी दिया गया है। अधिनियम का Section 54 में यह बताया गया है कि स्टाम्प पेपर जिस दिन खरीदा गया हैं उसके 6 माह के अंदर इसको जिला अधिकारी का कार्यालय में जमा करके पैसा प्राप्त किया जा सकता है। यदि आप स्टाम्प पेपर खरीदते हैं और उसको वापस करना चाहते हैं तो जिस दिन खरीदे हैं उसके 6 माह के अंदर वापस कर सकते हैं। स्टाम्प पेपर को वापस करने में 10% कमीशन काटा जाता है। यदी आप ₹100 का स्टाम्प पेपर वापस करेगें तो 10% कमीशन काट कर ₹90 दिया जाएगा। आप स्टाम्प पेपर जिस कार्य के लिए खरीदे हैं उसी कार्य को उस स्टाम्प पेपर पर करना चाहिए। एक बार स्टाम्प पेपर खरीदने के बाद आप जब चाहे इसका उपयोग कर सकते हैं। सिर्फ गुजरात और महाराष्ट्र राज्य में स्टाम्प पेपर जिस दिन खरीदा गया हैं उसके 6 माह बात तक उपयोग नहीं करने पर स्टाम्प पेपर रिजेक्ट हो जाता हैं।

स्टाम्प पेपर का प्रकार

स्टाम्प पेपर दो प्रकार के होते हैं (1) न्यायिक स्टाम्प पेपर इसको अंग्रेजी भाषा में Judicial Stamp Paper कहा जाता है। इस स्टाम्प पेपर का उपयोग ख़ास करके न्यायालय में फिस का भुगतान करने के लिए किया जाता है। यदी आप न्यायालय में कोई मुकदमा दर्ज करते हैं तो कोर्ट फिस के रुप में न्यायिक स्टाम्प पेपर का उपयोग करना होगा। नगद भुगतान को रोकने के लिए ऐसा प्रावधान किया गया है। (2) गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर इसको अंग्रेजी भाषा में Non-Judicial Stamp Paper कहा जाता है। इस स्टाम्प पेपर का उपयोग दैनिक जीवन में बहुत ज्यादा होता हैं। जैसे Sell Deed बनाने में, Gift Deed बनाने में, शपथ पत्र बनाने में इत्यादि।

स्टाम्प पेपर कहाँ खरीदने

स्टाम्प पेपर खरीदने के लिए आप कोई भी रजिस्टर्ड स्टाम्प वेंडर से खरीद सकते हैं। आप जब स्टाम्प पेपर खरीदते हैं तो स्टाम्प वेंडर अपना रजिस्टर्ड में स्टाम्प पेपर खरीदने वाला का नाम, पता और किस कार्य के लिए स्टाम्प पेपर खरीदा है उसका उल्लेख करता हैं। इसलिए आप जो कार्य के लिए स्टाम्प पेपर खरीदते हैं उसी कार्य को उस स्टाम्प पेपर पर करना चाहिए। यदी आप कोई दूसरा कार्य करेंगे तो यह अवैध हो सकता है। साथ ही आपको ध्यान में रखना होगा कि आप जितना रुपया का स्टाम्प पेपर खरीदते हैं उतना ही पैसा आपको देना चाहिए। उदाहरण के लिए यदी आप ₹100 का स्टाम्प पेपर खरीदते हैं तो आपको ₹100 ही देना चाहिए। स्टाम्प पेपर आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

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