क्या पुलिस को मारने का अधिकार है?



पुलिस का कानूनी अधिकार|पुलिस का ड्यूटी




पुलिस का ड्यूटी आम नागरिक का सेवा करने के लिए है ना कि आम नागरिक को मारपीट करने और परेशान करने के लिए। यदि कोई पुलिस अधिकारी बेवजह आपको मारपीट करता है तो ऐसी परिस्थिति में आप उस पुलिस अधिकारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करके उसे जेल तक भेज सकते हैं। यह आपका अधिकार है। इसके लिये आपको आवाज उठाना होगा। यदि आप आवाज नहीं उठाएंगे तो फिर पुलिस अधिकारी पर कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं होगा।


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पुलिस बेवजह मारे तो हम भी मार सकते है 


जब भी पुलिस अधिकारी आपको बेवजह मारपीट करती है तो ऐसे में आपको उस पुलिस अधिकारी के उपर जवाबी कार्रवाई नहीं करना चाहिए नहीं तो आपका केस कमज़ोर हो जाएगा। कुछ ऐसे भी परिस्थिति है जहाँ आप पुलिस अधिकारी के उपर सेल्फ़ डिफेन्स में जवाबी कार्रवाई कर सकते है। यदि आप पुलिस को मारेंगे तो हो सकता है कि वह पुलिस अधिकारी आपके ऊपर  सेल्फ डिफेन्स में गोली भी चला दे।भारत देश में सेल्फ डिफेंस का अधिकार सबको है। ऐसी परिस्थिति में आप भी यहां सेल्फ डिफेंस का उपयोग कर सकते हैं लेकिन आपको कानून के दायरे में रहकर करना होगा। इस टॉपिक पर मैं पहले ही चर्चा कर चुका हूं।


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पुलिस का मारपीट का शिकायत कहाँ करें 


पुलिस अधिकारी आपके साथ मारपीट करता है, तो ऐसी परिस्थिति में आप उस पुलिस अधिकारी के विरूद्ध कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं। आप पुलिस थाना में शिकायत करेगें तो आपको ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा और कार्रवाई भी नहीं के बराबर होगा क्योंकि उसका विभाग का अधिकारी उसको बचाने का प्रयास करेगा। जब भी पुलिस आपके साथ मारपीट करता है तो आपको तुरंत मेडिकल जाँच करा लेना चाहिए और मेडिकल का कागजात को संभाल कर रखना चाहिए। आप पुलिस पर आईपीसी का सेक्शन 323 , 324, 325, 326, 307 या 308 के तहत मुकदमा दर्ज कर सकते है।


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पुलिस गिरफ्तारी पर आपका कानूनी अधिकार 


यदि पुलिस अधिकारी आपके साथ मारपीट करती है और आपको गिरफ्तार कर लेती है, तो ऐसे परिस्थिति में गिरफ्तारी के बाद तुरंत आपको गिरफ्तारी नामा बनवा लेना चाहिए। गिरफ्तारी नामा में पुलिस एक कागज पर यह बात लिख कर देगी कि आपको क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है? किस कारण से गिरफ्तार किया जा रहा है साथ ही साथ गिरफ्तारी का समय और स्थान भी उस पर स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। यह आपका अधिकार है। यह बनाने से आपको फायदा यह होगा कि पुलिस आपको हिरासत में 24 घंटा से ज्यादा नहीं रख सकती है। उसके बाद आप पुलिस से मेडिकल जांच का भी डिमांड करें आप पुलिस से कह सकते हैं कि मेरा सर दर्द कर रहा है। सीना में दर्द है या कमर में दर्द है ताकि पुलिस आपका खुद मेडिकल करवा दे।


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पुलिस का शिकायत कौन कर सकता है 




यदि पुलिस अधिकारी के गिरफ्तारी में आप रहते हैं तो ऐसे परिस्थिति में आपका शिकायत आपका कोई परिजन भी कर सकता है। यह जरूरी नहीं है कि आपके साथ मारपीट किया गया है तो यह शिकायत आपको ही करना होगा। आपका कोई जान पहचान का आदमी या रिश्तेदार या परिवार का कोई भी व्यक्ति लिखित में एसपी के कार्यालय में शिकायत दे सकता है और साथ ही साथ इस शिकायत का एक प्रति डीआईजी कार्यालय या आईजी कार्यालय या डीजीपी कार्यालय को भी भेज दे और प्रयास करें कि इस शिकायत के साथ आपका जो मेडिकल किया गया है उस मेडिकल का कागजात को भी भेज दे।




Police arrested rule
Police Arrested 


पुलिस को कितना सजा हो सकता है 


यदि पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाएगा तो उसको नौकरी से तो हाथ धोना ही होगा साथ ही साथ उसे 3 साल से लेकर उम्रकैद तक का भी सजा हो सकता है। यह बात इस पर निर्भर करता है कि उसके ऊपर कौन कौन सा धारा लगाया गया है और मारपीट करने का उसका क्या तरीका था। यदि वह कोई जानलेवा हथियार से आपके ऊपर हमला करता है या गंभीर चोट पहुंचाता है जैसे आपका दांत तोड़ देना। आपका नाखून तोड़ देना या आपका कोई हड्डी तोड़ देना तो ऐसे में उस पुलिस अधिकारी को उम्र कैद तक का भी सजा हो सकता है।

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